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जीएसटी बिल कैसे बनाएं

GST वाला बिल सिर्फ़ रसीद नहीं है — ख़रीदार इसी से टैक्स की छूट (ITC) लेता है। इसमें क्या-क्या लिखना ज़रूरी है, यहाँ आसान भाषा में।

4 मिनट पढ़ेंअपडेट: 11 अक्टूबर 2026

आम जानकारी है, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं। GST और ट्रांसपोर्ट के नियम समय-समय पर बदलते हैं। कुछ करने से पहले नीचे दिए सरकारी link देखिए, या अपने CA से पूछिए।

पहले तय करें: कौन-सा बिल देना है

आपका कारोबारकौन-सा बिलबिल पर GST दिखा सकते हैं?
GST में पंजीकृत (regular), टैक्स वाला सामान बेचते हैंTax Invoice (जीएसटी बिल)हाँ
Composition scheme वालेBill of Supplyनहीं
GST में पंजीकृत नहींसादा बिल / Cash Memoनहीं

GST नंबर (GSTIN) न हो तो बिल पर GST न जोड़ें और न लें। ज़्यादा जानकारी: Tax invoice, bill of supply या cash memo (English)।

बेचने वाले (आपकी) की जानकारी

  • नाम, पता और GSTIN — ठीक वैसा ही जैसा GST पंजीकरण में है।
  • बिल नंबर — लगातार चलने वाला नंबर, ज़्यादा से ज़्यादा 16 अक्षर; अक्षर, अंक, - और / चल सकते हैं। एक वित्त-वर्ष में हर नंबर अलग हो। जैसे GL/26-27/0015।
  • बिल की तारीख़।
  • हस्ताक्षर — आपके या आपके अधिकृत व्यक्ति के (या डिजिटल हस्ताक्षर)।

ख़रीदार की जानकारी

  • ख़रीदार GST में पंजीकृत है: उसका नाम, पता और GSTIN।
  • पंजीकृत नहीं, और बिल ₹50,000 या ज़्यादा का: नाम, पता, और डिलीवरी का पता राज्य के नाम और कोड के साथ।
  • पंजीकृत नहीं, ₹50,000 से कम: ख़रीदार माँगे तो यही जानकारी लिखनी होगी।

ख़रीदार का GSTIN हमेशा उसके certificate से लें या GST portal पर जाँचें — देखिए GSTIN नंबर कैसे चेक करें।

सामान और टैक्स

  • HSN कोड (सामान) या SAC (सेवा) — कितने अंक, यह HSN कोड वाले गाइड में।
  • सामान का नाम, गिनती और इकाई (जैसे 25 KGS, 10 NOS, 2 BAG)।
  • Taxable value — जिस रकम पर टैक्स लगता है (छूट घटाकर)।
  • टैक्स की दर और रकम — CGST + SGST (एक ही राज्य में बिक्री) या IGST (दूसरे राज्य में बिक्री), अलग-अलग लिखें।
  • Place of supply — दूसरे राज्य में बिक्री हो तो राज्य का नाम।
  • Reverse charge लागू है या नहीं — "हाँ" या "नहीं"।
  • कुल रकम — अंकों में; शब्दों में लिखना अच्छी आदत है।

कौन-सा टैक्स लगेगा, इसके उदाहरण: CGST + SGST या IGST (English)। हर सामान की दर उसके HSN से तय होती है — GST portal के search में देखिए।

नमूना format (ऊपर से नीचे)

बिल का हिस्साक्या लिखें
सबसे ऊपर"Tax Invoice", आपका नाम, पता, GSTIN, बिल नंबर और तारीख़
ख़रीदारनाम, पता, GSTIN, राज्य और place of supply
सामान की तालिकानाम, HSN, गिनती-इकाई, भाव, taxable value
टैक्सCGST और SGST (या IGST) — हर दर की रकम अलग
जोड़कुल taxable value, कुल टैक्स, कुल रकम (अंकों और शब्दों में)
सबसे नीचेReverse charge हाँ/नहीं, bank/UPI (चाहें तो), हस्ताक्षर

बड़े कारोबार (जिनका turnover सरकार की तय सीमा से ऊपर है) को B2B बिल के लिए e-invoice बनाना होता है और उसका QR बिल पर छापना होता है — अपनी सीमा सरकारी e-invoice portal पर जाँचें।

कितनी copy, और कब

  • सामान: माल गाड़ी में जाने से पहले या उसी समय बिल बने। तीन copy — ORIGINAL FOR RECIPIENT, DUPLICATE FOR TRANSPORTER, TRIPLICATE FOR SUPPLIER।
  • सेवा: आम तौर पर सेवा देने के 30 दिन के अंदर; दो copy काफ़ी।
  • PDF में भेजा बिल भी चलता है, अगर उसमें सारी ज़रूरी बातें हों।

आम गलतियाँ

  • बीच में नंबर छोड़ देना, या साल के बीच में गिनती फिर से 1 से शुरू करना।
  • ख़रीदार का GSTIN गलत लिखना।
  • दूसरे राज्य की बिक्री पर CGST + SGST लगाना — वहाँ IGST लगता है।
  • बिना GSTIN के बिल पर GST जोड़ देना।
  • हर पंक्ति को अलग तरह से गोल करना, जिससे जोड़ न मिले।

सरकारी स्रोत

1 मिनट में GST बिल

GOODLOAD आपकी जानकारी, ख़रीदार, HSN, टैक्स और जोड़ अपने-आप भरता है, और हर बिल का नंबर क्रम से रखता है — हिंदी में, मुफ़्त।

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