आम जानकारी है, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं। GST और ट्रांसपोर्ट के नियम समय-समय पर बदलते हैं। कुछ करने से पहले नीचे दिए सरकारी link देखिए, या अपने CA से पूछिए।
HSN और SAC क्या हैं
HSN (Harmonised System of Nomenclature) दुनिया भर में चलने वाली गिनती है जिसमें हर तरह के सामान का एक नंबर होता है। GST में भारत इसी से सामान को पहचानता है।
SAC (Services Accounting Code) यही काम सेवाओं के लिए करता है। GST में SAC 99 से शुरू होते हैं — जैसे सड़क से माल ढुलाई 9965 समूह में आती है।
अंक कैसे बढ़ते हैं
- 2 अंक — chapter (सामान का बड़ा परिवार)।
- 4 अंक — heading।
- 6 अंक — sub-heading।
- 8 अंक — भारत का पूरा tariff item।
यानी 6 अंक का कोड, 8 अंक वाले कोड के पहले 6 अंक ही हैं।
बिल पर कितने अंक लिखने हैं
1 अप्रैल 2021 से यह पिछले वित्त-वर्ष के कुल turnover (aggregate turnover) पर निर्भर है:
| कुल turnover | B2B बिल (ख़रीदार पंजीकृत) | B2C बिल (ख़रीदार पंजीकृत नहीं) |
|---|---|---|
| ₹5 करोड़ तक | 4 अंक — ज़रूरी | मर्ज़ी |
| ₹5 करोड़ से ज़्यादा | 6 अंक — ज़रूरी | 6 अंक — ज़रूरी |
ज़्यादा अंक लिखना हमेशा चलता है। हर बिल पर पूरा 8 अंक का कोड लिखना सुरक्षित आदत है।
किराना दुकान के उदाहरण (पहले 4 अंक)
| सामान | Heading (4 अंक) | किस चीज़ का |
|---|---|---|
| चाय पत्ती | 0902 | चाय |
| तुअर दाल और सूखी दालें | 0713 | सूखी दालें |
| सरसों का तेल | 1514 | सरसों / rapeseed तेल |
हर heading के नीचे कई 6 और 8 अंक के कोड होते हैं। पूरा कोड सरकारी search से चुनें — सही कोड का मतलब सही दर भी।
सही कोड कैसे ढूँढें
- GST portal पर Search HSN/SAC खोलकर सामान का नाम खोजें।
- हर नतीजे का ब्यौरा पढ़ें, जो आपके सामान से सबसे ज़्यादा मिले वही चुनें।
- सप्लायर के ख़रीद-बिल पर लिखा कोड देखें — उन्हें अक्सर सही कोड पता होता है।
- शक हो तो एक बार CA से पूछें, फिर कोड सामान के साथ save कर लें।
आम गलतियाँ
- दुकान के हर सामान पर एक ही कोड लिखना।
- Internet से कोड copy करना, ब्यौरा पढ़े बिना।
- B2B बिल पर सिर्फ़ 2 अंक — अप्रैल 2021 से यह काफ़ी नहीं।
- सामान और सेवा वाले बिल में HSN और SAC मिला देना।
सरकारी स्रोत
- PIB — 1 अप्रैल 2021 से बिल पर HSN/SAC (वित्त मंत्रालय)
- CBIC — Rule 46, CGST Rules 2017
- GST portal — Search HSN / SAC
GOODLOAD की दुकान में सामान को HSN और GST दर के साथ save कीजिए — फिर हर बिल में अपने-आप आएगा।
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